कुलाधिपति सुकेश यादव और कुलसचिव वंदन मिश्र की गिरफ्तारी भी हो चुकी है.
* बेरोजगारी, करियर या शिक्षा में असफलता को दूर करती हैं।
पूर्ण विधि के अनुसार शुभ मुहूर्त में कलश को स्थापित करें।
जीवन में आने वाले संकट और बाधाएं दूर होती हैं।
लगा दें इसे, मिटेगा कष्ट-क्लेश, आएगी बरकत!
इस दौरान क्या करना चाहिए, क्या नहीं पूजा विधि क्या है, जानते हैं सब डिटेल में.
गुप्त नवरात्रि अंतिम दिन दुर्गा पूजा के बाद घट विसर्जन करें।
घट (कलश) स्थापना नवरात्रि पूजा का प्रथम और सबसे महत्वपूर्ण चरण है। यह शुभता, ऊर्जा, और देवी दुर्गा की उपस्थिति का प्रतीक है।
Based on Eliminating Black Magic, using this sadhana, the seeker can defend himself and his household from evil eyes, tantric road blocks, misfortune, and enemy defects. The sadhana of such nine times purifies the soul, cuts off old sins and karmic bonds, and qualified prospects the individual to new more info auspicious possibilities in life.
इसमें पहले कलश को गंगा जल से भरें, उसके मुख पर आम की पत्तियां लगाएं और उस पर नारियल रखें।
* जीवनसाथी या किसी खास मित्र से संबंधों में आ रहे तनाव को दूर करती हैं।
घट स्थापना करें: मिट्टी के पात्र में जौ (जवारे) बोएं।
मां की आरती गाएं, उन्हें फूल, अक्षत चढ़ाएं और बेदी से कलश को उठाएं।
पूजा आरंभ करें: दीपक जलाकर देवी का आवाहन करें।
* हर तरह की बुरी आत्माओं से माता काली रक्षा करती हैं।